मैं समय हूँ
"मै समय हूँ, मेरा कोई अंत नहीं" महाभारत के टीवी सीरियल की यह आवाज़ अब भी कानों में गूंजती है. समय रुकता नहीं, लेकिन शनिवार रात सात सात घड़ियों की सुई को रोक कर पीछे कर रहा था. हर घड़ी की सुई एक घंटा पीछे कर असीम दैवी शक्ति का आभास हो रहा था , जैसे समय पर मेरा अधिकार हो.

