स्नो-मैन
थोड़ी धूप निकली और तापमान ज़ीरो के ऊपर जाते ही, पुतला पतला होने लगा. सूरज की रौशनी थोड़ी तेज़ क्या हुई, उसके पूरे बदन से रिसाव होने लगा. अभी दो सप्ताह पहले ही उसे कितने उत्साह से, बच्चों ने मिलकर आदमी की शक्ल दी थी. स्नो सहेज कर, सर से पैर तक सफ़ेद, साथ में गाजर से बनी नाक वाला आदमी बनाया था. मासूम हाथों की कला, सफ़ेद बर्फ़ में जैसे सच का वास हो. चलो इसे सच्चा आदमी पुकारते हैं, लेकिन काश यह बोल सकता!

