माँ मुझे वीज़ा मिला है
दुआ का सिला मिला है
जल्द अमेरिका जाउंगा
तुझ से मिल ना पाऊंगा
माँ सुनके थोड़ी हुई उदास
बोली खुद आऊंगी तेरे पास
माँ पुणे चली आइ
बिना मिले रह न पाई
साथ में थोड़ा वक़्त बिताया
मेरा दिल भी भर न पाया
फिर जुदा होना ही पड़ा
एयरपोर्ट जाना ही पड़ा
सात समुन्दर पार था पूरा
कुछ रहगया जीवन में अधूरा
खोना पाना, हंसना रोना
आना जाना ,मिलना बिछड़ना
जीवन चलता ही रहता है
समय बदलता ही रहता है
फ़ोन ही था बस एक सहारा
माँ की आवाज़ से किया गुज़ारा
सालों बाद जब वापिस आया
माँ को बिस्तर पे लेटा पाया
माँ का दिल था, दर्द छिपाती
आवाज़ बदलके फ़ोन पे हंसती
बिस्तर से माँ उठ ना पाई
मेरे साथ फिर रहना पाई
ज़िन्दगी से है, मिला बहुत कुछ
पर माँ नहीं तो, बेकार है सबकुछ
“भारत माँ” का प्यार अमर है
माँ नहीं है तो, प्यार भी कम है
खाव्हिश है तो इतनी है, कब्र पे जब भी जाऊं
अपने साथ, थोड़ी मिटटी ले आउूँ

