लाल जरसी

शौक़ किसी भी शग़ल का हो उसमे महू होना ज़रूरी होता है. Biking यानी साइकल चलाने का शौक़ बचपन से है. वैसे बचपन में साइकल चलाना मजबूरी थी. फ़क़त यही सवारी थी जो हमें स्कूल या बाज़ार ले जाती थी. धीरे धीरे, मजबूरी कब शौक़ में बदल गया पता ही नहीं चला. फिर से साइकल का ज़िन्दगी में आना, और याद दिलाते रहना की भागते रहो फ़िट रहना है. धीरे धीरे शौक़ फिर से उभर गया. ग़ालिब का एक क़ौल याद आगया “सुनो साहब जिस शख़्स को जिस शग़ल का ज़ौक़ हो, और वोह उसमें बे तकल्लुफ़ उम्र बसर करे उसका नाम ऎश है

बाइकर हूँ तो बाइकर जैसा दिखना भी ज़रूरी है. सालों से सोंच रहा था बाइकिंग wears लेना है. आज वोह भी शौक़ पूरा होगया. धन्नो भी मुझे लाल जर्सी में देख, एक अजीब सा look दे रही थी. धन्नो बोली, भाभी जी ठीक कह रहीं थीं. रंगीन बनने का शौक़ और लाल दिखने का शौक़ ज़रा देर से आया. मुझ से रहा न गया, बोल पड़ा धन्नो माना की अब उम्र हो गई है, लेकिन दिल तो बचपन का है ना. दिल के बचपने को , जीते जी मरने नहीं दूंगा. तू तो बचपन से मेरे साथ है. धन्नो सुनके थोड़ा भावुक सी होगई, बोली चलो भाभी जी की बातों का बुरा नहीं मानना.

लाल जर्सी के पहन लेने से जैसे अजीब सी फुर्ती आ गई हो, धन्नो को बस भगाये जा रहा था.धन्नो भी चुप चाप हमारे साथ शहर की ट्रेल पे दौड़ रही थी. अचानक बोली अच्छा मैँ समझ गईं आज तुम Colby Lake जा रहे हो, शहर की पहली झील, चलो आज तुमहारा एक और फेरा लग जायेगा, पुरे चक्कर लगाना. मुझे सड़क क्रॉस करना था तेज़ रफ़्तार से गाड़ियां दौड़ रही थीं. अचानक दोनों ओर से गाड़ियां रुक गयीं. मैंने देखा एक तरफ़ लम्बाएर्गिनी तो दुसरी तरफ़ टेस्ला. मैं शान से अपनी लाल जर्सी के साथ रोड क्रॉस कर गया.

धन्नो बोली अरे वाह आज तो सच मुच, तुम्हारे जलवे हैं. मैंने कहा सच कहा धन्नो लाल जर्सी का कमाल बिलकुल अद्भुत है. अब कार वाले हमें real biker समझ कर रास्ता दे रहे हैं. Biker को biker दिखना कितना ज़रूरी है, और सुरक्छा कारणों से भी अच्छा है. मुझे तो ऐसा लगा, धन्नो, जैसे मेरी जर्सी, तेरे लिए, गाड़ी की लाल बत्ती जैसी है. जहाँ से गुज़रे लोग तुझे रास्ता दे देंगे. बचपन में एक दोस्त के साथ उसके पिताजी के कार में इलाहाबाद गया था, कुम्भ का मेला चल रहा था और काफ़ी भीड़ भाड़ थी. दोस्त के पिताजी CISF में बड़े अधिकारी थे कार पे लाल बत्ती लगी थी, कार जिधर से गुज़रती तैनात पुलिस कर्मी पहले ही रास्ता दिलवा देते . मैंने भी शान से कहा, धन्नो देख लिया, हमारे लाल जर्सी के जलवे.

हम Colby Lake के पास पहुँच चुके थे, की अचानक धन्नो धीरे हो गई. सामने देखा तो कई सारे पंछी रोड पे आराम आराम से चल रहे थे, थोड़ी सी जगह थी लेकिन डर भी था की पंछी झपट न पड़ें. मैंने घंटी बजाई, मेरी लाल जर्सी को भी पंछियों ने देखा लेकिन वोह टस से मस न हुए. धन्नो बोली लाल जर्सी के जलवे बेअसर होगए, बड़े बोल का सर निचा होता है. तेज़ भागो, बग़ल से हम जा सकते हैं. भाभी जी सही बोलती हैं तुम बहुत डरपोक हो.

धन्नो अच्छा चल आज तू भी मज़े लेले, लेकिन भाभी जी को मत बताना मैं Colby Lake यानी अपने पहले प्यार के पास गया था, चलो अब घर चलें.

जाते जाते बॉलीवुड का मशहूर गाना याद आ गया पहला पहला प्यार है

This Post Has One Comment

  1. Anupam

    क्या बात है। वाकई आपने शुगल पूरा कर ही लिया।

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