(Bike series)
आज बहुत गर्मी थी, तापमान 97 F चला गया, heat advisory भी मौसम विभाग ने जारी किया था. फिर भी धन्नो है, के मानती नहीं. उसे तो सैर किये बिना चैन कहाँ. फिर अपना भी दिल ऐसा है की जब सब खुश हों तभी खुशी मिलती है. वैसे मुझे राह गिरों को भी देख कर मुस्कुराना और सलाम करना अच्छा लगता है.




शाम के 8 बजे निकला, बिलकुल सूरज ढलने से 45 min पहले. धन्नो खुश होगई अच्छा चलो आज 5 मील ही जाएंगे. मैं धन्नो को तेज़ भगाता रहा. धन्नो को आज कुछ बदला बदला लग रहा था. अच्छा बताओ “आज वोह अम्मा अपने 8 बच्चों के साथ नज़र नहीं आ रही है, जिसने पिछले दिनों नाराज़ होकर, तुमपे झपट्टा मारने की कोशिश की थी”. मैंने कहा धन्नो वोह भी जीव हैं, गर्मी का एहसास उन्हें भी होता है. कहीं आराम कर रही होंगी छांव में”.
ट्रेल पे सन्नाटा सा था, धन्नो बोली तुम्हें भी गर्मी लग रही होगी.
मैंने कहा धन्नो यह मौसम हमारे लिए नया तो नहीं है. तुझे याद नहीं स्कूल से तपती धुप में हम भरी दूपहरी में कैसे वापिस आते थे. तुझे भी कितनी चिंता रहती थी की कहीं लू ना लग जाय. अकसर रास्ते में हम पेड़ की छांव में रुक कर सुस्ता भी लेते थे. धन्नो सुन कर थोड़ी देर चुप होगई फिर बोली, अच्छा चलो घर चलें तब की बात और थी. तब तुम नव युवक थे, अब तो तुम्हें इतनी गर्मी की आदत कहाँ है, ज़रा गर्मी क्या हुई घर में AC कार में AC कुछ एहसास ही नहीं होता.
पास वाली झील तक हम पहुँच गए, धन्नो ने लाल बेंच देख कर बोला थोड़ा यहाँ रुक जाओ. पड़ोस में झील और तुम दूर वाली झील के फेरे लगाते रहते हो. जैसे घर की मुर्ग़ी दाल बराबर. हम लाल बेंच पे बैठ गए और धन्नो बगल में खड़ी होगई. झील की दुसरी तरफ़ घर साफ़ नज़र आ रहा था. धन्नो बोली भाभी जी को देखा तुमने, किचन की लाइट दिख रही है, फ़ोन तो लगाओ.. बैकयार्ड में आके wave तो करेंगी. मैंने धन्नो की बात मानली.. फ़ोन लगाया “देखो झील की तरफ मैं लाल बेंच पे बैठा हूँ, दूसरी ओर से आवाज़ आयी इतना टाइम नहीं है, तवे पे रोटी है जल जाएगी”
मैं बेंच से उठ कर धन्नो के साथ झील के चक्कर लगाता हुआ घर आ गया. धन्नो को भाभी जी का इंतज़ार था और मुझे भी, लेकिन डिनर भी तो चाहिए. धन्नो बोली, थोड़ा इंतज़ार कर लेते भाभी जी का मैंने बहाना बनाया फ़ोन का सिगनल वीक था, फिर दूसरे दिन कुछ नया try करेंगे. धन्नो बोली, मुझे तो खिड़की की लाइट देख के बॉलीवुड का गाना याद आ गया मेरी सामने वाली खिड़की में एक चाँद का टुकड़ा रहता है

