जब कुछ नया करने का हो ख्याल
फिर मन मेँ आजाते हैं कई सवाल
मैंने कभी किया नहीं, क्या हो पाएगा
दायरे से बहार छलांग लगा पायेगा
आत्म विश्वास कहता हाँ होजायेगा
हिम्मते मरदा मदददे ख़ुदा, होजायेगा
फिर आवाज़ आइ लोग क्या कहेंगे
न ठीक हो पाया फिर, लोग हँसेंगे
डर पहली हवाई उड़ान में लगा था
सीट बेल्ट बांध कर डर लगा क्या
बेल्ट बंधा मोबाइल ऑफ अब क्या करता
पायलट ने लगाई उड़ान, हवा में गया विमान
सैनिक की वर्दी पहनली, तो डर कैसा
हिम्मत की वर्दी साथ है, तो डर कैसा
पहली उड़ान का अब मज़ा आ रहा था
बादलों के पार हमारा विमान जा रहा था
लो गरम गरम खाना पड़ोसा जाने लगा
अपने आप पे भरोसे का आनंद आने लगा
कुछ अलग करने की सोंच बनी रहनी चाहिए
हार जीत से पड़े हमारी सोंच रहनी चाहिए
जीत का रास्ता हार के बगैर है अधूरा
बदलाव को गले लगा कर ही जीवन होता है पूरा
ख़लीक़

