माँ को याद करने का, दिन आया
माँ को माँ बुलाने का, दिन आया
एक खूसूरत कार्ड भी लाना है
माँ के दिलको भी लुभाना है
फूलों का गुलदस्ता अच्छा रहेगा
माँ के दिल से मैचिन्ग करेगा
मैंने बेटे को शॉप में याद दिलाया
कार्ड और फूल लेना याद दिलाया
माँ का गिफ्ट है तुम्हारी तरफ़ से
गुल्लक हल्का होगा तुम्हारी तरफ से
सुनके बेटे को बात पसंद नहीं आई
मैंने कहा चलो मैं करूँगा भरपाई
माँ के खुशियों का कोई ठिकाना न रहा
प्यार भरे प्यार का कोई ठिकाना न रहा
कैमरा में भी खुश्याँ, क़ैद हुईं
गुल्लक की बात बतलाई नहीं
वक़्त के साथ कितना कुछ बदल सा गया
Mother’s Day पे माँ का प्यार छलक सा गया
हाय येह कौन सा ज़माना आया
माँ को याद करने का भी स्पेशल दिन बनाया

