दिवाली, फिर आई है
रौशनी साथ लाई है
रौशनी उम्मीदों की, अंधकार मिटाने की
रौशनी उल्लास की, निराशा मिटाने की
रौशनी सच की, झूट, को भगाने की
रौशनी अच्छाई की, बुराई हटाने की
रौशनी, राम के त्याग, और तपस्या की
रौशनी, रावण पे विजय के, शक्ति की
रौशनी दीये की, जो पुरुषोत्तम राम, का सत्कार करे
रौशनी उपासना की, जो त्याग को प्रोत्साहित करे
रौशनी वोह जो अहंकार, और घृणा को मिटादे
रौशनी वोह जो प्यार, और मानवता को बढ़ादे
प्यार वोह जो राम, और भरत, में था
प्यार वोह जो राम, और लक्ष्मण में था
14 साल का वनवास, भरत के लिए स्वीकारा
लक्षमन साथ हुए राम बिना, नहीं होता गुज़ारा
ये रौशनी कराएगी, कोरोना को सरेंडर
ख़तम होगा क्वारंटाइन, सोशल डिस्टन्सिन का बवंडर
दिवाली, फिर आइ है
रौशनी साथ लाई है

