धन्नो (Bike series 3)

धन्नो के लिए येह साल बड़ा ही खुशियों भरा है. वह अकेली नहीं, अब अपने रंग बिरंगे साथियों के साथ ट्रेल पे रफ़्तार से दौड़ती है.यूँ तोकोरोना का रोना थमने का नाम नहीं ले रहा, लेकिन धन्नो को इसका फ़ायदा मिला है. यह संयोग, अंग्रेजी के मुहावरे every cloud has silver lining को बल देता है. दुनिया कोरोना के प्रभाव में एक नई संभावनाओं की तलाश में है. जो भी काम ऑफिस से दूर घर रहकर किया जा सकता है, कम्पनियां उन सब संभावनाओं को तलाशकर लोगों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं. दिन भर घरों में बंदलोग..शाम को थोड़ी देर के लिए सही, बाहर आकर खुले आसमान और ताज़ी हवा में साँस लेना चाहते हैं.. एक दूसरे का चेहरा देखना चाहते हैं, चाहे वो मास्क से ढका हो.. मुस्कराहट साझा करना चाहते हैं.

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शिक्छा संसथान भी अछूता नहीं है. पराथमिक विद्यालय से लेकर विश्विद्यालय तक, जायदा तर छात्र रिमोट स्कूलिंग कर रहे हैं. अपने आपमें यह अनोखा अनुभव है. प्रकीर्ति संभावनाओं को तलाश करने और जीवन को नए तरह से जीना सिखाती है.. हम सब विश्व वासी नई सम्भावनायोम के प्रयोग और नई सामान्य ज़िन्दगी की आदतें सीख रहे हैं. नया सामान्य जीवन क्या होगा उसकी तलाश जारी है. कुछस् स्कूल के बच्चे हाइब्रिड मोड में क्लास कर रहे हैं मतलब सप्ताह में 2/3 दीन स्कूल जाना और बाक़ी दिन घर से पढ़ाई करना. आज हीअपने बड़े बेटे को स्कूल ड्राप किया उसके सारे दोस्त मास्क में थे. सुरक्षा के नियमों का पालन करने में सभों का सहयोग जरुरी है.. लेकिन मन ही मन में यह सवाल भी सोच रहा था की इन मासूम बच्चों का क्या कसूर जो इनको भी मुंह छिपाना पड़ रहा है.. ऐसा लगता है भगवान हम सभों से बहुत ही नाराज़ है.

धन्नो को अपने कई साथियों के साथ रोज़ शाम सैर करने का मौका मिल जाता है. आपस में बातें भी होती हैं कभी कभी बात करने में इतनी मगन हो जाती है धन्नो की रफ़्तार भी धीमी करलेती है. धन्नो के एक साथी ने अपना अतीत बताया. वोह नई नवेली दुल्हन की दुल्हनकी तरह आई. फिर थोड़े ही दिनों बाद उसको garage की छत से टांग दिया गया. उसका जुर्म बस इतना था की रोज़ शाम बहार सैर कोजाना चाहती थी. अपने नीचे वाली कार को रोज़ बाहर जाते देख उसको बड़ा दुःख होता था. “कोरोना को दोस्त ना कहूं तो फिर क्या कहूं उसने मुझे जेलजैसी ज़िन्दगी से मुक्ति दिलादी.”

धन्नो बोली जीवन है भूल हो जाती है, बिना कोई कसूर की सज़ा भुगतनी परजाती है, लेकिन आशावान होना ही ज़िन्दगी की आशा है. अतीत को भूलजा अपना बोझ हल्का कर नहीं तो बौझ लिए तू कहाँ मेरे साथ भाग पाएगी. मैंने भी इसी साल जीवन का यह अध्यायसीखा है वर्त्तमान में जीकर तेज़ भागती हूँ.. इस साल मैंने नया रिकॉर्ड बनाया है अभी तक 1000 मिल भाग चुकी हूँ. बेकार की बातें छोड़ अजा धन्नो के साथ रफ़्तार का मज़ा ले.. ज़िन्दगी रफ़्तार का नाम है.

कोरोना काल में संभावनाएं ढूँढना नए नार्मल की तलाश ही आशावान होने का अच्छा उदाहरण है. कोरोना का रोना कम होगा.. वैक्सीनकी खोज होगी हम सभी इस वैश्विक महामारी को परास्त कर पाएंगे बस आशा और संयम चाहिए. इस बात का ज़रूर ध्यान रखनाचाहिए की जाने अनजाने में किसी को दुःख न पहुंचे.. ऐसा किसी के साथ ना हो जो धन्नो की सहेली के साथ हुआ.

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