रफ़्तार
शाम को ज़रा देर से निकला कोशिश करता हूँ की सबको समय दे पाऊँ, जब मैं वापिस गेराज में आया तो लगा धन्नो मेरी तरफ देख रही हो. उसकी खामोश अदा को मैं नहीं तो कौन समझेगा. मैं ने कहा…
शाम को ज़रा देर से निकला कोशिश करता हूँ की सबको समय दे पाऊँ, जब मैं वापिस गेराज में आया तो लगा धन्नो मेरी तरफ देख रही हो. उसकी खामोश अदा को मैं नहीं तो कौन समझेगा. मैं ने कहा…
धन्नो की सैर जारी है लेकिन धन्नो को अपने सैर से ज़्यादा अपना ज़िक्र करने और करवाने में मज़ा आता है. कई दिन से कुछ लिखा नहीं तो धन्नो के भाव बदले से थे. Previous Next बोल पड़ी "आजकल अपनी…
धन्नो जबसे जीवन में आई मुझे कुछ कहने का बहाना मिल जाता है. कोरोना काल में सुना है लोग साइकिल सवारी जयादा करने लगे है. सारे विश्व में साइकिल की मांग बढ़ गई है. शूकर है हमारा और धन्नो का…