पहचान मुझे
मैँ तेरी परछाई हूँ, पहचान मुझे तेरी मजबूरी है, पहचान मुझे मैं तेरे साथ हूँ, और कोई नहीं Covid का शूकर मना, पहचान मुझे मौक़ा तो मिला,अकेला तो नहीं मेरी आवाज़. सुन, पहचान मुझे परछाई हूँ, होजाता है क़द, छोटा…
मैँ तेरी परछाई हूँ, पहचान मुझे तेरी मजबूरी है, पहचान मुझे मैं तेरे साथ हूँ, और कोई नहीं Covid का शूकर मना, पहचान मुझे मौक़ा तो मिला,अकेला तो नहीं मेरी आवाज़. सुन, पहचान मुझे परछाई हूँ, होजाता है क़द, छोटा…
दिवाली, फिर आई हैरौशनी साथ लाई है रौशनी उम्मीदों की, अंधकार मिटाने कीरौशनी उल्लास की, निराशा मिटाने की रौशनी सच की, झूट, को भगाने कीरौशनी अच्छाई की, बुराई हटाने की रौशनी, राम के त्याग, और तपस्या कीरौशनी, रावण पे विजय…
सरदी का मौसम, और दिसंबर का महीना, बहते पानी को भी रोक देता है. जमा हुआ पानी बर्फ़ बनने लगता है. मैं बर्फ़ बनगई, थम गई. फिर भी, कभी कभी चहल पहल होती है. जमी हुई बर्फ़ और सर्द हवा,…