कोरोना दिवाली
दिवाली, फिर आई हैरौशनी साथ लाई है रौशनी उम्मीदों की, अंधकार मिटाने कीरौशनी उल्लास की, निराशा मिटाने की रौशनी सच की, झूट, को भगाने कीरौशनी अच्छाई की, बुराई हटाने की रौशनी, राम के त्याग, और तपस्या कीरौशनी, रावण पे विजय…
दिवाली, फिर आई हैरौशनी साथ लाई है रौशनी उम्मीदों की, अंधकार मिटाने कीरौशनी उल्लास की, निराशा मिटाने की रौशनी सच की, झूट, को भगाने कीरौशनी अच्छाई की, बुराई हटाने की रौशनी, राम के त्याग, और तपस्या कीरौशनी, रावण पे विजय…
सरदी का मौसम, और दिसंबर का महीना, बहते पानी को भी रोक देता है. जमा हुआ पानी बर्फ़ बनने लगता है. मैं बर्फ़ बनगई, थम गई. फिर भी, कभी कभी चहल पहल होती है. जमी हुई बर्फ़ और सर्द हवा,…
रंगों का मेल, और भी रंगीन हो जाता है. ख़ामोश रहके भी, बहुत कुछ कहता है. कहने की भी अपनी कला है. ज़ुबान के बिना, बोलना, आसान नहीं होता. उसको समझना भी, आसान नहीं होता. अनकही बातों को, समझ लेना…